Wednesday, June 16, 2021

16 june current affairs

SANJU'S BLOG


प्रतियोगिता दर्पण ™:
📖 16 जून ➜ CA BY प्रतियोगिता दर्पण
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◆   नीति आयोग की ओर से जारी ताजा रिपोर्ट के मुताबिक लैंगिक समानता में जो प्रदेश देश में अंतिम स्थान पर रहा- बिहार

◆   हाल ही में यूरोपीय अंतरिक्ष एजेंसी (ESA) ने जिस ग्रह के लिये एक नए एनविज़न मिशन की घोषणा की है- शुक्र ग्रह

◆  वह राज्य सरकार जिसने कोविड-19 महामारी पर लोगों में जागरूकता बढ़ाने के लिए ‘युवा शक्ति कोरोना मुक्ति अभियान’ शुरू करने जा रहा है- मध्य प्रदेश

◆   भारत और जिस देश ने हाल ही में भारतीय कामगारों की भर्ती पर सहयोग के लिए समझौता ज्ञापन पर हस्ताक्षर किए- कुवैत

◆  सतत विकास लक्ष्य (एसडीजी) के लैंगिक समानता के मामले में जिस राज्य को भारत में सबसे शानदार प्रदर्शन करने वाला राज्य घोषित किया गया है- छत्तीसगढ़

◆  किस अभिनेता ने Free IAS Coaching Scholarship पहल “सम्भवम” शुरू की = सोनू सूद

◆  लॉन्च पुस्तक “होम इन द वर्ल्ड” के लेखक कौन है – अमर्त्स सेन

◆  किस सम्मान से सम्मानित ब्रिगेडियर रघुबीर सिंह का निधन हुआ – महावीर चक्र

◆  किस सोशल नेटवर्किंग साइट ने गेम स्टूडियो बिगबॉक्स VR का अधिग्रहण किया – फेसबुक

◆  किस कंपनी ने डिजिटल हेल्थ स्टार्टअप 1-Mg का अधिग्रहण किया – टाटा डिजिटल

◆  कोर्सेरा की ग्लोबल स्किल्स रिपोर्ट 2021 में भारत किस स्थान पर रहा – 67वें

◆  डब्ल्यूएचओ के तकनीकी सलाहकार समूह का मानद सदस्य किसे नियुक्त किया गया – मुकेश शर्मा

◆  किसे “मेडल ऑफ द आर्डर ऑफ ऑस्ट्रेलिया” सम्मान से सम्मानित किया गया – शोभा शेखर

◆  किस आईआईटी संस्थान द्वारा विकसित विस्फोट प्रतिरोधी हेलमेट ने NSG पुरस्कार जीता – आईआईटी रुडकी

◆  माली देश के नए प्रधानमंत्री के रूप में किसे नियुक्त किया गया – चोगुएल कोकला माईगा

◆  संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद का पहली बार अस्थाई सदस्य किसे नियुक्त किया गया है –अल्बानिया

◆  व्यापार एवं विकास पर संयुक्त राष्ट्र सम्मेलन (UNCT AD) की प्रथम महिला महासचिव कौन बनी – रेबेका ग्रिनस्पैन

◆  हाल ही में जिस भारतीय महिला पहलवान ने पोलैंड ओपन में 53 किलो भार वर्ग में स्वर्ण पदक जीत लिया है- विनेश फोगाट

◆  विश्व बाल श्रम निषेध दिवस (World Day Against Child Labour) जिस दिन मनाया जाता है-12 जून

◆  हाल ही में रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने अगले पांच वर्षों के लिए रक्षा उत्कृष्टता नवोन्मेष (आईडेक्स)-रक्षा नवोन्मेष संगठन (डीआईओ) के लिए जितने करोड़ रुपये के बजट को मंजूरी दी है-498.8 करोड़ रुपये

◆  भारत के नीरज चोपड़ा ने पुर्तगाल में लिस्बन के सिडडे डी लिस्बोआ में भाला फेंक प्रतियोगिता में जो पदक जीता है- स्वर्ण पदक

◆  इजराइल के नए प्रधानमंत्री के रूप में जिसने शपथ लेकर कार्यभार संभाल लिया है- नाफ्ताली बेनेट

◆  हाल ही में जिस टेनिस खिलाड़ी ने स्टेफानोस सितसिपास को हराकर पांच साल बाद फिर से फ्रेंच ओपन का खिताब जीत लिया है- नोवाक जोकोविच

◆  विश्व रक्त दाता दिवस (World Blood Donor Day) जिस दिन मनाया जाता है-14 जून

◆  हाल ही में जिस देश के तैराक कायली मैककेन ने 100 मीटर बैकस्ट्रोक प्रतिस्पर्धा में 57.45 सेकेंड का समय निकालकर नया विश्व रिकॉर्ड कायम किया है- ऑस्ट्रेलिया

◆  विश्व बुजुर्ग दुर्व्यवहार रोकथाम जागरूकता दिवस (World Elder Abuse Awareness Day) जिस दिन मनाया जाता है-15 जून

◆  जैव प्रौद्योगिकी कंपनी मायलैब डिस्कवरी सॉल्यूशंस ने जिस अभिनेता को अपना ब्रांड एम्बैसडर नियुक्त किया है- अक्षय कुमार

◆  फ्लिपकार्ट ने जिस राज्य सरकार के साथ चिकित्सा से जुड़ी वस्तुओं को ड्रोन के जरिये पहुँचाने का समझौता किया है- तेलंगाना
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📖  वन लाइनर ऑफ द डे ➜ 16 जून 2021

🟩  महत्वपूर्ण दिन

◆  अंतरराष्ट्रीय परिवार धन-प्रेषण दिवस - 16 जून

🟥  अंतरराष्ट्रीय

◆  मरुस्थलीकरण से निपटने के लिए संयुक्त राष्ट्र सम्मेलन (UNCCD) के पक्षीय परिषद के 14वें सत्र के अध्यक्ष - प्रधान मंत्री नरेंद्र मोदी, भारत

◆  चैरिटी एड फाउंडेशन द्वारा प्रकाशित ‘वर्ल्ड गिविंग इंडेक्स 2021’ के अनुसार, भारत ______ सबसे बड़ा धर्मार्थ देश है – 14 वां

◆  उत्तर अटलांटिक संधि संगठन (NATO) के नेताओं ने ________ को एक सतत सुरक्षा चुनौती घोषित किया है - चीन

◆  14 जून 2021 को, खाद्य एवं कृषि संगठन (FAO) सम्मेलन का आभासी 42वां सत्र शुरू हुआ और इसकी अध्यक्षता ____ ने की - माइकल कुर्तिका (पोलैंड के पर्यावरण मंत्री)

◆  इंटरनेशनल फार्म कम्पेरिजन नेटवर्क (IFCN) के 22वें दुग्धव्यवसाय सम्मेलन में '______' पहल का आरंभ किया गया – “नेट जीरो, पाथवे टू लो-कार्बन डेयरी” पहल

🟫  राष्ट्रीय

◆  भारत में समुद्री विमान सेवाओं के विकास के लिए ________ और नागरिक उड्डयन मंत्रालय के बीच एक समझौता ज्ञापन पर हस्ताक्षर किए गए - बंदरगाह, जल परिवहन और जलमार्ग मंत्रालय

◆  भारतीय राष्ट्रीय कृषि सहकारी विपणन संघ (NAFED) द्वारा प्रस्तुत किया गया खाना पकाने का तेल, जो व्यक्ति को विटामिन ‘अ’ और ‘ड’ के लिए अनुशंसित आहार सेवन का 25-30 प्रतिशत पूरा करने में मदद कर सकता है - "नाफेड फोर्टिफाइड राइस ब्रैन ऑयल"

◆  15 जून को भारत के सर्वोच्च न्यायालय के न्यायाधीश और ई-समिति के अध्यक्ष न्यायमूर्ति डॉ. डी. वाई. चंद्रचूड़ ने मध्य प्रदेश उच्च न्यायालय के लिए सुरक्षित वाई-फाई परियोजना, जिला न्यायपालिका के लिए इलेक्ट्रॉनिक प्रक्रियाओं की राष्ट्रीय सेवा एवं शोध प्रणाली और ______ इन डिजिटल उपक्रमों का आरंभ किया - भूमि अभिलेखों के साथ CIS सॉफ्टवेयर का एकीकरण

🟪  राज्य विशेष

◆  _____ में 130.1 मेगावाट क्षमता की दगमारा जलविद्युत परियोजना के कार्यान्वयन के लिए NHPC लिमिटेड और बिहार राज्य जल विद्युत विद्युत निगम लिमिटेड के बीच एक समझौता ज्ञापन पर हस्ताक्षर किए गए - जिला सुपौल, बिहार

◆  स्वच्छ भारत अभियान के पहले चरण के अंतर्गत _______ को भारत में खुले में शौच मुक्त केंद्र शासित प्रदेश घोषित किया गया है - लद्दाख केंद्र शासित प्रदेश

◆  तमिलनाडु राज्य में टी. गुना द्वारा घोषित नई राजनीतिक पक्ष - 'तमिलगा सेना'

◆  _____ सरकार ने राज्य भर में सभी क्षेत्रीय परिवहन कार्यालयों (RTO) में वाहनों के त्वरित पंजीकरण के लिए दो योजनाओं - डीलर-पॉइंट पंजीकरण प्रणाली और शिक्षार्थी अनुज्ञापत्र प्राप्त करने के लिए एक ऑनलाइन प्रणाली - का आरंभ किया – महाराष्ट्र

◆  _____ सरकार ने छात्रों को वैदिक शिक्षा विज्ञान और योग से कैसे जुड़ी है यह सिखाने के लिए ‘वैदिक शिक्षा एवं संस्कार मंडल’ की स्थापना करने का निर्णय लिया - राजस्थान

🟦  ज्ञान-विज्ञान

◆  चीन का पहला ऑप्टिकल स्पेस टेलीस्कोप, जो 10 जून 2021 को प्रक्षेपित किया गया - यांगवांग-1

◆  लकड़ी से बना विश्व का पहला उपग्रह, जिसे यूरोपीयन स्पेस एजेंसी (ESA) द्वारा प्रक्षेपित किया जाएगा - विसा वुडसैट

🟥  सामान्य ज्ञान

◆  उपग्रह द्वारा प्रेषित कार्यक्रम-वहन संकेतों के वितरण से संबंधित सम्मेलन - स्वीकृति: 21 मई 1974; प्रभावी: 25 अगस्त 1979

◆  रासायनिक हथियारों के विकास, उत्पादन, संग्रहण और उपयोग का निषेध तथा उनका विनाश विषयक सम्मेलन (रासायनिक हथियार सम्मेलन) - स्वीकृति: 3 सितंबर 1992; प्रभावी: 29 अप्रैल 1997

◆  व्यापक परमाणु परीक्षण प्रतिबंध संधि को स्वीकृति - 10 सितंबर 1996

◆  एंटी-पर्सनेल लैंड माइन्स का उपयोग, संग्रहण, उत्पादन और हस्तांतरण का निषेध और उनका विनाश विषयक सम्मेलन (ओटावा संधि) - स्वीकृति: 18 सितंबर 1997; प्रभावी: 1 मार्च 1999

◆  समूह युद्ध-सामग्री विषयक सम्मेलन - स्वीकृति: 30 मई 2008; प्रभावी: 1 अगस्त 2010
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📖  टॉप हेडलाइंस ➜ 16 जून 2021
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1. कोर्सेरा की ग्लोबल स्किल्स रिपोर्ट 2021 में भारत 67वें स्थान पर है

2. नफ्ताली बेनेट इस्राइल के नये प्रधानमंत्री बने
3. भारत ने शुरू किया ‘Extension of Hospitals’ प्रोजेक्ट

4. भारतीय मूल की पत्रकार मेघा राजगोपालन ने जीता पुलित्ज़र पुरस्कार 2021

5. 2021 में फ्रेंच ओपन का महिला सिंगल्स खिताब बारबोरा क्रेजिकोवा ने जीता

6. फ्रेंच ओपन में पुरुष सिंगल्स का खिताब दूसरी बार नंबर एक खिलाड़ी नोवाक जोकोविच को

7. स्विटजरलैंड के एक जनमत संग्रह में जलवायु परिवर्तन से निपटने के प्रमुख उपाय खारिज

8. आईआईटी रोपड़ ने देश का पहला विद्युत मुक्त सीपीएपी उपकरण 'जीवन वायु' विकसित किया

9. एनएचपीसी ने 130.1 मेगावाट की डगमारा जलविद्युत परियोजना के कार्यान्वयन के लिए बिहार राज्य जल विद्युत निगम (बीएसएचपीसी) के साथ समझौता ज्ञापन पर हस्ताक्षर किए

10. पुणे की स्‍टार्टअप कम्‍पनी ने संक्रमण रोधी थ्री डी प्रिंटेड मास्‍क तैयार किया

11. IIT रुड़की के प्रोफेसर ने 'विस्फोट प्रतिरोधी' हेलमेट के लिए जीता NSG पुरस्कार

12. 'होम इन द वर्ल्ड' पुस्तक: अमर्त्य सेन का संस्मरण

13. 44वीं जीएसटी परिषद की बैठक आयोजित की गयी, कोविड-19 चिकित्सा आपूर्ति पर कर राहत दी गयी

14. केन्‍द्र ने जल जीवन मिशन के तहत आंध्र प्रदेश को 3,180 करोड़ से अधिक रुपए आवंटित किए

15. IDFC फर्स्ट बैंक ने ग्राहक COVID राहत घर-घर राशन कार्यक्रम शुरू किया

16. होम्‍योपैथी में सिकल सेल आनुवांशिक रोग के उपचार की नई पद्वति प्रतिपादित

17. ओडिसा में तीन दिन का राजा पर्व, सरकार की घर में ही मनाने की अपील

18. 15 जून से इजराइल होगा दुनिया का पहला मास्क मुक्त देश

19. कन्नड फिल्म अभिनेता संचारी विजय का निधन

20. महावीर चक्र प्राप्तकर्ता ब्रिगेडियर रघुबीर सिंह का निधन

21. पीएम मोदी ने वर्चुअली संयुक्त राष्ट्र ‘मरुस्थलीकरण, भूमि क्षरण और सूखे पर उच्च स्तरीय संवाद’ को संबोधित किया

22. ताजमहल, अन्य केंद्रीय रूप से संरक्षित एएसआई स्मारक 16 जून से फिर से खुलेंगे

23. IMD, ICMR ने भारत में मलेरिया को खत्म करने के लिए मलेरिया और जलवायु (IEC) पर विशेषज्ञ समिति लॉन्च की

24. IIT रोपड़ ने देश का पहला पावर-फ्री CPAP (Continuous Positive Airway Pressure) डिवाइस ‘जीवन वायु’ विकसित किया

25. कन्नड़ अभिनेता संचारी विजय की 37 वर्ष की उम्र में बेंगलुरु में दुर्घटना से मृत्यु; 2014 में सर्वश्रेष्ठ अभिनेता का राष्ट्रीय फिल्म पुरस्कार जीता था

26. विदेश मंत्री एस. जयशंकर ने नैरोबिक में केन्याई समकक्ष रेशेल ओमामो से मुलाकात की

27. बिहार से जीआई प्रमाणित जरदालु आम की पहली व्यावसायिक खेप यूनाइटेड किंगडम को निर्यात की गई

28. पूंजी बाजार नियामक सेबी ने फ्रैंकलिन टेम्पलटन एएमसी अधिकारियों, ट्रस्टी को 2020 में छह ऋण योजनाओं को बंद करने के मामले में नियामक मानदंडों का उल्लंघन करने के लिए दंडित किया

29. थोक महंगाई मई में 12.94% के रिकॉर्ड उच्च स्तर पर पहुंच गई

30. नफ्ताली बेनेट ने ली इजरायल के नए प्रधान मंत्री के रूप में शपथ

31. 14 जून को विश्व रक्तदाता दिवस मनाया गया, थीम: “Give blood and keep the world beating”

32. उत्तर अटलांटिक संधि संगठन (नाटो) शिखर सम्मेलन ब्रुसेल्स में आयोजित किया गया

33. विश्व रक्तदाता दिवस: 14 जून

34. पुलित्जर पुरस्कार 2021 फिक्शन श्रेणी में द नाइट वॉचमैन के लिए लुईस एरडिक को दिया गया।

35. असम को अपना सातवां राष्ट्रीय उद्यान मिला: दिहिंग पटकाई।

36. उखना खुरेलसुख मंगोलिया के छटे राष्ट्रपति बने हैं।

37. नोवाक जोकोविच ने फ्रेंच ओपन पुरुष एकल खिताब जीता।

38. मध्य प्रदेश सरकार कोविड महामारी के बारे में जागरूकता फैलाने के लिए 'युवा शक्ति कोरोना मुक्ति अभियान' शुरू करेगी।

39. रेबेका ग्रिनस्पैन संयुक्त राष्ट्र व्यापार और विकास सम्मेलन का नेतृत्व करेंगी।

40. सरकार ने स्वास्थ्य बुनियादी ढांचे के निर्माण के लिए 'अस्पतालों का विस्तार' परियोजना शुरू की।

41. अंतर्राष्ट्रीय ऐल्बिनिज़म जागरूकता दिवस: 13 जून

42. रक्षा मंत्री ने रक्षा क्षेत्र में नवाचारों के लिए 499 करोड़ रुपये के बजटीय समर्थन को मंजूरी दी।

43. अक्षय कुमार को मायलैब डिस्कवरी सॉल्यूशंस का ब्रांड एंबेसडर नियुक्त किया गया।

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Monday, March 22, 2021

Ken Betwa Water Project



Ken-Betwa Link Project: केन-बेतवा लिंक परियोजना के समझौता ज्ञापन पर मध्य प्रदेश और उत्तर प्रदेश के सीएम ने किए हस्ताक्षर
Updated: | Mon, 22 Mar 2021 01:17 PM (IST)
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भोपाल, Ken-Betwa Link Project। जल दिवस के मौके पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की मौजूदगी में केन-बेतवा नदियों को आपस में जोड़ने की परियोजना को लेकर मध्य प्रदेश के सीएम शिवराज सिंह चौहान और उत्तर प्रदेश के सीएम योगी आदित्यनाथ ने समझौता ज्ञापन पर हस्ताक्षर किए। इसी के साथ दोनों प्रदेशों के बीच पानी को लेकर चले आ रहे विवाद का अंत हो गया। अब बुंदेलखंड की जनता को सिंचाई से लेकर जल विद्युत का लाभ मिलेगा। पेयजल भी मिलेगा और सूखे का संकट खत्म हो जाएगा।
क्या है परियोजना
राष्ट्रीय नदी विकास एजेंसी (एनडब्ल्यूडीए) द्वारा देश में प्रस्तावित 30 नदी जोड़ो परियोजनाओं में से एक केन-बेतवा लिंक परियोजना भी है। इसकी अनुमानित लागत लगभग 45000 करोड़ है, जिसका 90 फीसद केंद्र सरकार वहन करेगी। इस परियोजना में केन नदी से बेतवा नदी में पानी पहुंचाया जाएगा। इसके लिए दाऊधन डैम बनाया जाएगा और एक नहर के जरिए दोनों नदियों को जोड़ा जाएगा।
यह होगी प्रक्रिया
मध्य प्रदेश में छतरपुर व पन्ना जिलों की सीमा पर केन नदी के मौजूदा गंगऊ बैराज के अपस्ट्रीम में 2.5 किमी की दूरी पर डोढ़न गांव के पास एक 73.2 मीटर ऊंचा ग्रेटर गंगऊ बांध बनाया जाएगा। कंक्रीट की 212 किमी लंबी नहर द्वारा केन नदी का पानी उत्तर प्रदेश के झांसी जिले में बेतवा नदी पर स्थित बरुआ सागर में डाला जाएगा।
बुंदेलखंड के लिए सौगात
यह परियोजना बूंद-बूंद को तरसते बुंदेलखंड के लिए एक उपहार है। सालों से पानी की किल्लत से जूझ रहे क्षेत्र के लिए बौछार है। इस परियोजना में मध्य प्रदेश के पन्ना, टीकमगढ़, छतरपुर, सागर, दमोह, दतिया, विदिशा, शिवपुरी और रायसेन जिले हैं तो उत्तर प्रदेश के बांदा, महोबा, झांसी और ललितपुर जिले शामिल हैं।
सिंचाई भी होगी, बिजली भी मिलेगी
इस परियोजना से सिंचाई समेत पेयजल और जलविद्युत का लाभ मिलेगा। प्रति वर्ष 10.62 लाख हेक्टेयर कृषि क्षेत्र में सिंचाई सुविधाएं मिलेंगी और लगभग 62 लाख लोगों के लिए पेयजल आपूर्ति होगी। इसके अलावा 103 मेगावाट जलविद्युत का उत्पादन होगा।
वर्षा जल से संरक्षण के साथ ही हमारे देश में नदी जल के प्रबंधन पर भी दशकों से चर्चा होती रही है।
देश को पानी संकट से बचाने के लिए इस दिशा में अब तेजी से कार्य करना आवश्यक है।
केन-बेतवा लिंक प्रोजेक्ट भी इसी विजन का हिस्सा है: PM @narendramodi

Saturday, March 13, 2021

SANJU'S BLOG
सिन्धु घाटी सभ्यता का परिचय
हड़प्पा सभ्यता के बारे में लेख




★ सिन्धु घाटी सभ्यता ➡

विश्व का कौन-सा कोना सर्वप्रथम सभ्यता की प्रथम किरण से प्रकाशित हुआ था, इसका कोई ज्ञान दुर्भाग्यवश प्राप्त नहीं है। हाँ, इतना अवश्य ज्ञात हो। सका है कि सभी सभ्यताएँ नदी घाटियों में ही उदित हुई। भारत में भी सिन्धु नदी की घाटी में एक सभ्यता का जन्म हुआ जिसका ज्ञान हमें लम्बे समय तक नहीं रहा। सिन्धु सभ्यता आद्य-ऐतिहासिक काल की सभ्यता थी।

आद्य-ऐतिहासिक काल इसे इसलिए कहा जाता है क्योंकि सिन्धु लिपि को अब तक नहीं पढ़ा जा सका है। यह आश्चर्यजनक सांस्कृतिक उपलब्धियों का प्रतिनिधित्व करता है। यह पुरातन तथा आधुनिक भारतीय सभ्यता के कुछ महत्त्वपूर्ण आयामों के दृष्टिकोण से भी महत्त्वपूर्ण है। इस सभ्यता का अभिज्ञान पुरातत्त्व विज्ञान की एक महत्त्वपूर्ण देन है। इस सभ्यता की खोज ने भारतीय सभ्यता के इतिहास को ही बदल दिया है। आर्यों के साहित्यिक वेदों से ही पहली बार हमें भारत के सामाजिक एवं धार्मिक विचारों तथा आर्थिक और राजनैतिक अवस्थाओं का विस्तृत परिचय मिला। फलत: यह अवश्यंभावी था कि व्यावहारिक दृष्टि से भारत का इतिहास इस काल से प्रारम्भ किया जाये और भारतीय संस्कृति की रूपरेखा का आरम्भ आर्य सभ्यता से हो। किन्तु, 1922-23 ई. में होने वाली एक खोज के परिणामस्वरूप इस धारणा में परिवर्तन हुआ। इस धारणा के परिवर्तन का कारण था सिन्धु क्षेत्र में होने वाले उत्खननों के फलस्वरूप एक अत्यन्त पुरातन सभ्यता की खोज। सिन्धु घाटी की सभ्यता इसी खोज का प्रतिफल है।

★ काल–निर्धारण ➡

एच. हेरास ने नक्षत्रीय आधार पर इसकी उत्पत्ति का काल 6000 ई.पू. माना है। मेसोपोटामिया में 2350 ई.पू. का सरगॉन का अभिलेख मिला है, उसके आधार पर इसकी समयावधि 3250-2750 ई.पू. मानी गयी है। जॉन मार्शल ने 3250-2750 ई.पू. में इसका काल निर्धारित किया है जबकि अर्नेस्ट मैके ने 2800-2500 ई.पू. को इसका काल माना है। माधोस्वरूप वत्स ने 3500-2700 ई.पू. और सी.जे. गैड ने 2300-1750 ई.पू. इसका काल माना है।

माटींसर व्हीलर 2500-1500 ई.पू. को इस सभ्यता का काल मानते हैं जबकि फेयर सर्विस 2000-1500 ई.पू. को। रेडियो कार्बन पद्धति के अनुसार, इसका समय 2350 ई.पू. से 1750 ई.पू. माना गया है। इस संदर्भ में ऐसा माना जाता है कि इसका काल लगभग 2600 ई.पू. एवं 1900 ई.पू. के बीच निर्धारण किया जा सकता है।

★ नामकरण ➡

इसके लिए कई नाम प्रचलित हैं, यथा, सिन्धु घाटी की सभ्यता, सिन्धु सभ्यता, हड़प्पा सभ्यता और हाल में इसके लिए सिन्धु-सरस्वती सम्पदा जैसे नामकरण पर बल दिया जाने लगा है किन्तु हड़प्पा सभ्यता नाम अधिक उपयुक्त प्रतीत होता है क्योंकि पुरातात्विक उत्खनन के पश्चात् किसी सभ्यता का नामकरण प्रथम उत्खनित स्थल के आधार पर किया जाता रहा है।

★ पुरातात्विक स्रोत ➡

हमें पुरातात्विक स्रोत से ही मुख्यतः इस सभ्यता का अभिज्ञान प्राप्त होता है क्योंकि इस सभ्यता के बारे में कोई साहित्य उपलब्ध नहीं है। मुहर, टेरीकोटा फिगर्स (मृण्मूर्तियाँ), चक्र की आकृति, महल और खण्डहर, मेसोपोटामिया से प्राप्त बेलनाकार मुहर, लोथल से प्राप्त एक छोटी बेलनाकार मुहर, 2350 ई.पू. की मेसोपोटामिया की मुहर, मोहनजोदड़ो से प्राप्त एक वाट और लोथल से प्राप्त हाथी दाँत के माप का पैमाना आदि स्रोत उल्लेखनीय हैं।

★ उद्भव ➡

इस सभ्यता के उद्भव पर विद्वानों में मतैक्य नहीं है। कुछ विद्वानों ने प्रारम्भ में इसकी उत्पत्ति पश्चिमी एशिया (मेसोपोटामिया) में ढूंढ़ने का प्रयास किया, जबकि कुछ पुराविदों ने इसका उद्गम ईरान-बलूची-सिंध संस्कृतियों से माना है। अर्वाचीन भारतीय पुराविदों ने भारत की ग्रामीण संस्कृतियों में इसका स्रोत ढूंढने का प्रयास किया है। संस्कृति का विकास मेसोपोटामिया में कालक्रम की दृष्टि से हड़प्पा संस्कृति से पहले हुआ था। इसलिए विद्वानों का इसके प्रभाव से प्रभावित होना स्वाभाविक है, पर विद्वानों में इस पर पर्याप्त मतभेद है।

इस सभ्यता का विकास मेसोपोटामिया के प्रभाव से हुआ, इस विचार के प्रवर्तक हैं- मॉर्टीमर व्हीलर, गॉर्डन चाइल्ड, लियोनार्ड बूली, डी.डी. कौशांबी, क्रेमर। इनमें कौशांबी का तो यहाँ तक कहना है कि मिश्र, मेसोपोटामिया और सिंधु सभ्यता के जनक एक ही मूल के व्यक्ति थे जबकि क्रेमर के अनुसार लगभग 2400 ई.पू. में मेसोपोटामिया से लोग आए और उन्होंने यहाँ की परिस्थिति के अनुकूल अपनी संस्कृति में परिवर्तन कर सिंधु सभ्यता का निर्माण किया। परन्तु, इसके विपक्ष में भी मत व्यक्त किया जा सकता है। इसके विपक्ष में कहना है कि मेसोपोटामिया में स्पष्ट रूप से पुरोहितों का शासन था, सिन्धु सभ्यता में यह स्पष्ट नहीं है। मेसोपोटामिया की लिपि कीलनुमा लिपि है; जबकि सिन्धु सभ्यता के लोग चित्रलेखात्मक लिपि का प्रयोग करते थे। इसके अतिरिक्त सिंधु सभ्यता में बड़े पैमाने पर पक्की ईंटों का प्रयोग हुआ है; जबकि मेसोपोटामिया में यह बात स्पष्ट नहीं है।

इसके अतिरिक्त एक दूसरी विचारधारा भी है जिसका कहना है कि इस सभ्यता की उत्पत्ति ईरानी-बलूची ग्रामीण संस्कृति से हुई है। इसके प्रतिपादक ब्रिजेट एवं रेमण्ड आॉलचिन, फेयरसर्विस, रोमिला थापर का मानना है कि बलूची-ईरानी संस्कृति का भारतीयकरण होता रहा। फेयर सर्विस के अनुसार-धर्म इस संस्कृति का प्रमुख आधार था जिसके कारण इस संस्कृति के नागरीकरण की दिशा में तीव्र विकास हुआ। एक तीसरी विचारधारा भी इस सभ्यता को लेकर है जो मानती है कि देशी प्रभाव (सोथी-संस्कृति) से इस सभ्यता की उत्पति हुई है। अमलानन्द घोष, धर्मपाल अग्रवाल, ब्रिजेट एवं रेमण्ड आॉलचिन भी इसी मत के प्रतिपादक हैं। कुछ विद्वान् सिन्धु घाटी की सभ्यता का विकास भारत की धरती पर मानते हैं। राजस्थान के कुछ भागों से प्राक्-हड़प्पाकालीन मृदभांड प्राप्त हुए हैं।

1953 ई. में सर्वप्रथम अमलानन्द घोष ने बीकानेर क्षेत्र में सोथी संस्कृति की खोज की। धर्मपाल अग्रवाल, ब्रिजेट एवं रेमण्ड ऑलचिन आदि विद्वानों ने यह धारणा प्रकट की है कि सिंधु सभ्यता का प्रारंभिक आधार सोथी संस्कृति में ही खोजा जा सकता है। सिन्धु सभ्यता धर्मपाल अग्रवाल के अनुसार, ग्रामीण सोथी संस्कृति का ही नागरिक रूप है। चार्ल्स मेसन नामक इतिहासकार ने 1826 ई. में हड़प्पा नामक गाँव का दौरा किया। 1872 ई. में कनिंघम महोदय ने इस प्रदेश का दौरा किया। तीसरी सहस्राब्दी ई.पू. के, पूर्व के मध्य बहुत से छोटे-छोटे गाँव बलूचिस्तान एवं अफगानिस्तान में बस गए। बलूचिस्तान में किली गुल मोहम्मद और अफगानिस्तान में मुंडीगाक और बलूचिस्तान के मेहरगढ़ नामक स्थान पर 5000 ई.पू. के लगभग का कृषि का साक्ष्य प्राप्त होता है।

★ विस्तार ➡

प्रारम्भ में विद्वानों की यह धारणा थी कि यह सभ्यता सिन्धु घाटी तक सीमित है, किन्तु यह तथ्य अब असंगत हो गया है। प्रारम्भ में माना गया था कि हड़प्पा सभ्यता पश्चिम में काठियावाड़ से प्रारम्भ होकर पूर्व में मकरान तक फैली हुई थी जिसके भग्नावशेष सर्वप्रथम मोहनजोदड़ो एवं हड़प्पा दो प्रधान नगरों से प्राप्त हुए थे। किन्तु कुछ समय बाद चालीस से अधिक बस्तियों के अवशेष उत्खनन से प्राप्त हुए जो इस सभ्यता के व्यापक प्रसार को इंगित करते हैं।

आलचिन ने सैन्धव सभ्यता के 70 स्थलों का उल्लेख किया था। जम्मू में मांडा और पंजाब में रोपड़ सिंध सभ्यता की उत्तरी सीमा के सूचक है, और बड़गाँव, मनपुर एवं आलमगीरपुर इसका पूर्वीय स्थल है। दक्षिण में गुजरात क्षेत्र में लोथल, रंगपुर, रोजड़ी, प्रभासपट्टन तथा नर्मदा-ताप्ती नदियों के तट पर भगतराव, मालवण, मेघम, तेलोद में सैन्धव अवशेष पाए गए हैं। सिंधु संस्कृति का पश्चिमी स्थल पाकिस्तान से सतुकांगेडोर (सुतकगेन्दर) ईरान की सीमा से 40 कि.मी. पूर्व एवं अरब सागर से लगभग 50 कि.मी. उत्तर की ओर स्थित है। हाल ही में, कच्छ में एक नवीन स्थल से सैन्धव सभ्यता के अवशेष प्राप्त हुए हैं।

उत्तरी बलूचिस्तान में डाबरकोट और मेहरगढ़ महत्त्वपूर्ण स्थल हैं। रामायण-महाभारत में विवेचित परिचक्रा नगरी पूर्व की ओर बरेली के पास कुछ समय पूर्व प्रकाश में आई है, यहाँ सभ्यता के अवशेष भी प्राप्त हुए हैं। अत: इस सभ्यता का विस्तार पूर्व में बरेली तक हो जाता है। इस सभ्यता के प्रमुख स्थल पाकिस्तान के अंग बन गये थे। भारतीय पुरातत्ववेत्ताओं ने इसे एक चुनौती पूर्ण तथ्य माना एवं सम्पूर्ण भारत में व्यापक सर्वेक्षण किया गया। परिणामत: राजस्थान, हरियाणा, उत्तर प्रदेश, गुजरात आदि में सिन्धु सभ्यता से जुड़े अनेक स्थलों को खोज निकाला।

राजस्थान में कालीबंगा (गंगानगर जिला) प्रमुख स्थल है जहाँ बी.बी. लाल व बी.के. थापर के उत्खननों से बहुत सी महत्त्वपूर्ण सामग्री उपलब्ध हुई है। इस प्रकार आधुनिक उत्खननों से यह सिद्ध हो जाता है कि यह सभ्यता अत्यन्त सुविस्तृत सभ्यता थी। इस सभ्यता की उत्तरी सीमा पाकिस्तान के पंजाब प्रान्त में स्थित रहमान ढेरी तथा दक्षिणी सीमा गुजरात प्रान्त में स्थित भोगत्तार हैं। ये दोनों स्थल एक दूसरे से 1400 कि.मी. की दूरी पर हैं। इसी प्रकार पूरब में इसकी सीमा आलमगीरपुर (मेरठ) से सबसे पश्चिम में स्थित सुत्कागेन-डोर नामक स्थल की दूरी लगभग 1600 कि.मी. है।

★ सिंधु सभ्यता के विकास के चरण ➡

नवपाषाण काल (5500-3500 ई.पू.)- इस काल में बलूचिस्तान और सिंधु के मैदानी भागों में स्थित मेहरगढ़ और किली गुल मुहम्मद जैसी बस्तियाँ उभरीं। खेती की शुरूआत हुई, स्थायी गाँव बसे।

पूर्व हड़प्पा काल (3500-2600 ई.पू.)- ताँबा, चाक एवं हल का प्रयोग हुआ। अन्नागारों का निर्माण हुआ। ऊंची-ऊँची दीवारें बनीं। सुदूर व्यापार की शुरूआत हुई।

पूर्ण विकसित हड़प्पा युग (2600-1800 ई.पू.)- सम्पूर्ण विकसित क्षेत्र 12,99,600 वर्ग कि.मी. था। यह पूरब से पश्चिम 1600 कि.मी. एवं उत्तर से दक्षिण 1400 कि.मी. था। हड़प्पा सभ्यता से संबद्ध लगभग 1400 स्थल प्रकाश में आए हैं। इनमें लगभग 6 अथवा 7 स्थलों को नगर का दर्जा दिया जाता हैं। उत्तरी क्षेत्र जम्मू में मांडा, दक्षिण में दैमाबाद, पश्चिम में सुत्कागेडोर और 3 पूरब में आलमगीरपुर इसकी सीमा है। इस सभ्यता के अवशेष पाकिस्तान और भारत के पंजाब, सिंध, बलूचिस्तान, उ.प्र. सीमांत, बहावलपुर, राजस्थान, हरियाणा, गंगा-यमुना में दोआब, जम्मू, गुजरात और उत्तरी अफगानिस्तान से प्राप्त हुए हैं।

• सिंध- मोहनजोदड़ो चांहुदड़ो, जुडेरजोदड़ो, आमरी, कोटदीजी, अलीमुराद।
• पंजाब- हड़प्पा, रोपड, बारा, संघोल।
• हरियाणा- राखीगढ़ी, मिताथल, बनवाली।
• राजस्थान- कालीबंगा।
• जम्मू- मांडा।
• गंगा-यमुना, दोआब- आलमगीरपुर, हुलास।
• गुजरात- देशलपुर, सुरकोटड़ा, धौलावीरा (कच्छ प्रदेश) काठियावाड्-रंगपुर, रोजदी, लोथल, मालवण (सूरत) भगवतरव।
• बलूचिस्तान- सुत्कागेडोर, सुतकाकोह, बालाकोट, डाबरकोट, राणां घुंड।
• बहावलपुर- कुडवालाथेर।
• अफगानिस्तान- शोर्तुघई।
• उ. प्र. सीमाप्रांत।


Wednesday, March 3, 2021

MADHYA PRADESH GK CA

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Some important GK CA FOR YOU

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ISSF शॉटगन विश्व कप: भारतीय पुरुषों की स्कीट टीम ने जीता कांस्य पदक


अंगद वीर सिंह बाजवा, मैराज अहमद खान और गुरजोत खंगुरा की भारतीय तिकड़ी ने कजाखस्तान की टीम को हराकर कांस्य पदक जीता है.


अंतर्राष्ट्रीय शूटिंग स्पोर्ट फेडरेशन टूर्नामेंट - ISSF शॉटगन विश्व कप काहिरा, मिस्र में पुरुषों की स्कीट टीम स्पर्धा में अंगद वीर सिंह बाजवा, मैराज अहमद खान और गुरजोत खंगुरा की भारतीय तिकड़ी ने 7 राउंड की योग्यता में कजाखस्तान की टीम को 6-2 से हराकर कांस्य पदक जीत लिया है.

इन तीनों खिलाड़ियों ने ISSF की प्रतियोगिता के तीसरे दिन कांस्य पदक मैच में अपने समकक्षों एडुआर्ड येच्शेंको, डेविड पोचीवालोव और अलेक्जेंडर मुखारयेदेव को हराया. भारतीय टीम 26 फरवरी, 2021 को 25 शॉट्स के बाद 491 के स्कोर को हासिल करके, कांस्य पदक मैच तक पहुंचने में सक्षम हो गई थी.

फाइनल के लिए रूस से मिली हार

अंगद वीर सिंह बाजवा, मैराज अहमद खान और गुरजोत खंगुरा की भारतीय तिकड़ी भी फाइनल में जगह बना सकती थी लेकिन रूस की टीम से 5-6 से हार गई. रूसी टीम ने फाइनल में चेक गणराज्य को 6-0 से हराकर स्वर्ण पदक जीता है.

अंगद वीर सिंह बाजवा सभी 16 निशाने लगाकर कांस्य पदक मैच के स्टार बन गए.

जबकि इससे पहले प्रतियोगिता के दूसरे दिन, भारतीय निशानेबाज गुरजोत पुरुषों की व्यक्तिगत स्कीट प्रतियोगिता के फाइनल में आगे बढ़ने के मौके से चूक गए थे.

24 और 25 के दो मजबूत अंतिम क्वालीफिकेशन राउंड के बावजूद, उनका स्कोर पांच राउंड्स के अंत में 119 तक बढ़ गया और उन्हें विश्वसनीय 10 वां स्थान मिला.

शॉटगन विश्व कप में भारतीय महिलाओं की टीम

भारतीय महिला टीम में परिनाज धालीवाल, गनीमत सेखों और कार्तिकी सिंह शक्तावत शामिल थीं, जिन्होंने शॉटगन विश्व कप टूर्नामेंट के कांस्य पदक मैच में भी अपनी जगह बनाई.

हालांकि, यह टीम कजाखस्तान की ओल्गा पैनेरिना, असेम ओरिनबाय और रिनता नासेरोवा से एक कड़े मुकाबले में 4-6 से हार गई.

इंटरनेशनल शूटिंग स्पोर्ट फेडरेशन के बारे में

यह पिस्तौल, राइफल और शॉटगन की ओलंपिक शूटिंग स्पर्धाओं और विभिन्न गैर-ओलंपिक शूटिंग कार्यक्रमों के लिए एक शासी निकाय है.

ISSF की गतिविधियों में ISSF विश्व कप फाइनल, ISSF विश्व कप श्रृंखला, खेल का विनियमन, ओलंपिक योग्यता और अंतर्राष्ट्रीय प्रतियोगिताओं का आयोजन, सभी कार्यक्रमों के लिए ISSF विश्व चैम्पियनशिप, और शॉटगन कार्यक्रमों में ISSF पृथक विश्व चैम्पियनशिप शामिल हैं.


Saturday, February 6, 2021

Current affairs

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भारत सरकार ने ब्रह्मोस, तेजस, एस्ट्रा मिसाइल सहित 156 रक्षा उपकरणों के निर्यात को दी मंजूरी

भारत सरकार द्वारा कुल मिलाकर, 156 रक्षा उपकरणों के निर्यात के लिए मंजूरी दे दी गई है ताकि मित्र देशों को अपने हथियारों के निर्यात को बढ़ावा दिया जा सके.


04 फरवरी, 2021 को केंद्र सरकार ने आर्टिलरी गन, स्वदेशी लाइट कॉम्बैट एयरक्राफ्ट, टैंकों और मिसाइलों, विस्फोटक, टैंक रोधी खानों और अन्य रक्षा उपकरणों के निर्यात के लिए अपनी मंजूरी दे दी है.

सरकार द्वारा कुल मिलाकर, 156 रक्षा उपकरणों के निर्यात के लिए यह मंजूरी दी गई है ताकि मैत्रीपूर्ण देशों को भारतीय हथियारों के निर्यात को बढ़ावा दिया जा सके.

इससे पहले, भारत ने आकाश मिसाइल के निर्यात के लिए अपनी मंजूरी दे दी थी, लेकिन अब ब्रह्मोस हथियार प्रणाली, बियॉन्ड विजुअल रेंज एयर-टू-एयर मिसाइल एस्ट्रा और एंटी-टैंक गाइडेड मिसाइल नाग भी निर्यात के लिए तैयार हैं.

भारत सरकार द्वारा निर्यात के लिए स्वीकृत रक्षा उपकरण

• 19 एयरोनॉटिकल सिस्टम
• 16 परमाणु-जैविक-रासायनिक उपकरण
• 41 आयुध और युद्ध प्रणाली
• 28 नौसैनिक प्रणाली
• 27 इलेक्ट्रॉनिक और संचार प्रणाली
• 10 जीवन सुरक्षा आइटम
• 04 मिसाइल सिस्टम
• 04 सूक्ष्म इलेक्ट्रॉनिक उपकरण
• 07 अन्य सामग्री

आकाश, एस्ट्रा और ब्रह्मोस मिसाइल

आकाश मिसाइल: यह सतह से हवा में मार करने वाली मिसाइल प्रणाली है जो कम दूरी की वायु रक्षा प्रदान करने में सक्षम है और 03 से 25 किमी की सीमा के भीतर स्वायत्त या समूह मोड में भी काम कर सकती है.

एस्ट्रा मिसाइल: यह एक विज़ुअल एयर-टू-एयर सिस्टम से भी परे है जो भारतीय वायु सेना के Su30 MKI के साथ एकीकृत है. बाद में, अन्य भारतीय फाइटर जेट्स को भी एस्ट्रा के साथ एकीकृत किया जाएगा.

ब्रह्मोस: यह एक सुपरसोनिक मिसाइल है जिसे नौसेना, सेना और वायु सेना द्वारा उपयोग करने के लिए बनाया गया है. इस सार्वभौमिक मिसाइल को आसानी से मोबाइल लांचर, जहाज, पनडुब्बी और विमान से लॉन्च किया जा सकता है.

रक्षा उत्पादन निर्यात प्रोत्साहन नीति, 2020

उक्त नीति के अनुसार, भारत सरकार अब वर्ष, 2025 तक 35,000 करोड़ (5 बिलियन अमेरिकी डॉलर) रुपये के मूल्य के रक्षा उपकरणों के निर्यात को हासिल करने के उद्देश्य से अपने रक्षा निर्यात को बढ़ाने उम्मीद जता रही है.

आत्मनिर्भरता के लिए अपना निर्यात बढ़ाने और घरेलू रक्षा उद्योग के निर्माण के उद्देश्य से, सरकार द्वारा निर्धारित नीति का लक्ष्य 1,75,000 करोड़ (25 बिलियन डॉलर) रुपये के मूल्य का उत्पादन करना है।

Thursday, January 28, 2021

झील के बारे तथ्य

  भारत के झील सम्बन्धी महत्त्वपूर्ण तथ्य



कश्मीर की वूलर झील झेलम नदी पर बनी गोखुर झील है. यह भारत की मीठे पानी की सबसे बड़ी झील है.


चिल्का झील खारे पानी की भारत की सबसे बड़ी झील है. इस लैगून झील में नौसेना का प्रशिक्षण केंद्रभी है.


ज्वालामुखी क्रिया द्वारा निर्मित महाराष्ट्र के बुलढाना की लोनार झील एक क्रेटर झील है.


उकाई (गुजरात) ताप्ति नदी पर स्थित मानव निर्मित झील है.


स्टेनले जलाशय तमिलनाडु में कावेरी नदी पर बने मेट्टूर बाँध के पीछे बनी झील है.


बेम्बनाड झील (केरल) में वेलिंग्टन द्वीप है जहाँ पर नौकायान प्र्तियोगताएँ भी होती हैं.


राणाप्रताप सागर जवाहर सागर (राजस्थान) एवं गांधी सागर (मध्य प्रदेश) चम्बल नदी पर स्थित झीलें हैं.


गोविन्द वल्लभ पन्त सागर (उत्तर प्रदेश एवं छत्तीसगढ़) सोन की सहायक नदी रिहंद पर बनाई गई झील है.


पेरियार झील एक कृत्रिम झील है.


लोकटक झील (मणिपुर) मीठे पानी की पूर्वोत्तर भारत की सबसे बड़ी झील है. इस झील में “किबुललामजाओ” नामक तैरता हुआ राष्ट्रीय पार्क है.


राष्ट्रीय झील संरक्षण परियोजना का आरम्भ केन्द्रीय वन एवं पर्यावरण मंत्रालय द्वारा जून, 2001 में किया गया था.


भारत की सबसे बड़ी कृत्रिम झील गोविन्द सागर झील है. यह पंजाब के रोपड़ जिले में सतलज नदी पर स्थित भाखड़ा-नांगल परियोजना के तहत बने बाँध से निर्मित हुआ है.


साम्भर एवं डीडवाना लार मरुस्थल के पूर्वी सिरे पर खारे पानी की झीलें हैं. साम्भर झील बौलसन एवं डीडवाना झील प्लाया का उदाहरण है.

मध्यप्रदेश पटवारी भर्ती:7 महीने चली जांच, 64 लोगों से पूछताछ, 70 पन्नों की रिपोर्ट, फिर दी क्लीन चिट

SANJU'S BLOG मध्यप्रदेश पटवारी भर्ती: 7 महीने चली जांच, 64 लोगों से पूछताछ, 70 पन्नों की रिपोर्ट, फिर दी क्लीन चिट 2 घंटे पहले ADVERTISE...